हाँ भाई !!

बस यूँ ही कुछ यहाँ की कुछ वहाँ की हिन्दी से नाता दसवीं के बाद करीब टूट ही गया था
हिन्दी ब्लॉग देखे और दिल किया की मैं भी नतीजा है हाँ भाई

Sunday, March 21

एम टी हिन्दी - प्रोत्साहन एवं उत्साह

भाईयो आपका उत्साह देखकर मन अति आन्दित हुआ । साथ ही प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद । ज्ञात हुआ कि विनय जी भी हाँ भाई कहते हैं अर्थात पढ़ते हैं। उन्हीं की टिप्पणी से
Google, MS-Office, Windows XP और अब Movable Type. कमाल के दिन हैं.. ऐसे ही नित नए काम होते रहें और कम्पयूटर पर हिन्दी पढ़ना-लिखना और काम-काज होता रहे। आँखों को बड़ा सकून मिलता है। पुराने अरमान पूरे हो रहे हैं।
तकनीकी अंग्रेज़ी शब्दों के अनुवाद का विषय फिर से उठा । मेरे विचार से इस पर अलग से सामूहिक संवाद होना चाहिए । मैं सोचता हूँ कि अनुवाद ऐसा होना चाहिए जो कि एक हिन्दी माध्यम से दसवी पास व्यक्ति भी समझ सके । यानि की अंग्रेजी उसने केवल छठी से दसवी तक पढ़ी हो। या फिर कोई सरकारी कार्यलय का बाबू भी समझ सके ।

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